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Friday, July 17, 2009

कैसा होगा इनका भविष्य


अपनी हैरानी में छिपा नही पाई , जब उस सात -आठ साल की बच्ची ने मुझे बताया की उसका सपना है की उसे पेट भर खाना खाने को मिले ! इस तरह की घटनाएँ यह सोचने पर मजबूर करती है की आज भी भारत में न जाने कितने बच्चे ऐसे हैं , जो भुखमरी और अशिक्षा के शिकार हैं ! ये बच्चे भारत का भविष्य हैं और निश्चित तौर पर स्वयं इनका भविष्य उज्जवल नही है ! उनके भविष्य को सवारने वाला कोई नही है !

पन्द्र्वी लोकसभा का चुनाव , और बजट कुछ दिन पहले ही सब ख़त्म हुआ है ! सभी राजनितिक दलों और नेताओं ने बडी-बडी बातें की ,पर किसी का ध्यान ऐसे बच्चों और उनकी जरूरतों की और नही गया ! किसी ने इस तरह के मुद्दे को एक बार भी अपने भाषण में शामिल नही किया ! जगह -जगह महिलाएं छोटे -छोटे दुधमुहे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगती हुई आसानी से नजर आ जाती हैं ! कभी इन बच्चों पर दया आती है , तो कभी घृणा भी होती है की अगर इन्हे अच्छी परवरिश नही दे सकते थे , फिर इन्हे पैदा ही क्यों किया !

सरकार को भीख मांगने पर पुरी तरह से पाबंदी लगनी चाहिए और भीख मांगकर अपना गुजरा करने वालों के लिए रोजगार योजनायें लागू करनी चाहियें ! खासतौर पर बच्चों के द्वारा भीख मांगने पर पूरी तरह से पाबंदी लगनी चाहिए !यही बच्चे बडे होकर चोरी , नशाखोरी व् ग़लत काम करते हैं !क्यों न बच्चपन में ही इतनी शिक्षा दी जाए की इन बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके !देश का सारा भार इनके कंधो पर हैं , अगर इन्हे मजबूत न किया गया तो देश का भविष्य कैसा होगा ?