Monday, May 16, 2011

सलाद एक फायदे अनेक !



गर्मियों के मौसम में अगर आप सलाद को अपनी diet में शामिल नहीं कर रहे , तो आप अपनी ही सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं , आम तौर पर लोग सलाद खाना पसंद नहीं करते। लेकिन हाल ही में हुए अमेरिकी शोध ने एक बार फिर साबित किया है कि सलाद खाना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। दरअसल सलाद में प्रचुर मात्रा में विटामिंसफोलिक एसिडकैल्शियममैग्नीशियमआयरन और पोटेशियम जैसे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं जिससे हम कई बीमारियों के खतरे से बचे रहते हैं। सलाद एक ऐसी डिश हैजिसे किसी भी वक्त खाया जा सकता हैं।
सलाद खाने के  कई फायदे हैं जैसे ....
n सलाद में कच्ची सब्जियों को शामिल करे। इसमें फाइबर पाया जाता है। जो पाचन क्रिया में सहायक होता है। कच्ची सब्जियों में आप टमाटरखीराशलजमचुकंदरगोभीशिमला मिर्चमूली आदि शामिल कर सकती हैं।
n सलाद में पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट तत्व प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाते हैं। जिससे यह कई बीमारियों जैसे मोटापाहृदय रोग  कई पुरानी बीमारी के खतरे को कम करने में मदद करता है।
n गहरे रंग के फल और सब्जियोंस्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होते हैं। दरअसल गहरे रंग के फल और सब्जियों में कैल्शियम और मैग्निश्यिम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है।
n सलाद शरीर की एनर्जी लेवल को बढ़ाने का काम करता है।
विटामिन  आंखोंविटामिन  उम्र बढऩे की प्रक्रिया को धीरे करने और विटामिन के रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने का काम करता है।
सलाद में  सिरकानींबू के  रस और जैतून के तेल का इस्तेमाल करें  इससे टेस्ट तो बढेगा ही साथ ही ये शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैऔर आज कल बाजार में कई तरह की dressings भी उपलब्ध हैं , जिनसे सलाद को एक न्य रूप दिया जा सकता है !  
n सलाद में अंकुरित चीजों को शामिल करने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, ।
n सलाद में पाया जाने वाला फोलिक एसिड गर्भवती महिलाओं के लिए काफी लाभदायक होता है।

सलाद में शामिल सब्जी और इसके फायदे
n खीरे में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। यह ब्लडप्रेशर और अल्सर के इलाज में प्रभावी होता है।
n  सलाद में बींस को शामिल करने से अतिरिक्त प्रोटीन और पौष्टिक तत्व मिलते हैं।
n चुकंदर खून को बढ़ाने का काम करता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिडआयरन और कैल्शियम पाया जाता है।
n टमाटर में विटामिन सी और लाइकोपिन पाया जाता है। लाइकोपिन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है।
n मूली में विटामिन सीसोडियम और कैल्शियम पाया जाता है। यह पीलिया और लिवर की बीमारी से पीडि़त लोगों के लिए फायदेमंद होता है।
n प्याज और लहसुन व्हाइट सब्जी में आते हैं। यह दोनों ब्लड शुगर के स्तर को कम करने और सूजन से लडऩे का काम करते हैं। इसके एंटीबायोटिक गुण संक्रामक बीमारियों से बचाते हैं। ये हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करते हैं।
n पुदीने के पत्तों में भरपूर एंजाइस पाया जाता है। यह पाचन में सहायता होता है। भूख बढ़ाता है साथ ही शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम भी करता है।
n सलाद पत्ता हीमोग्लोबिन का सबसे अच्छा स्रोत है। यह पाचन में सहायक होने के साथ लिवर के लिए भी फायदेमंद होता है।
n सलाद पत्ते में कैल्शियमआयरनथियामीनफास्फोरसविटामिन सी और मिनरल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही प्रोटीनवसाफाइबर और कार्बोहाइड्रेट भी पाया जाता है।
n हरी पत्तियों वाले सलाद के पत्ते के रस में मैग्नीशियम पाया जाता है। यह मांसपेशियों और दिमाग के लिए फायदेमंद होता है। यह शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है!
सलाद के पत्ते को उपयोग में लेने से पहले हमेशा हर पत्ती को अच्छे तरह धोकर व पोंछकर काम में लेना चाहिए जिससे उसके ऊपर लगा पानी पूरी तरह निकल जाए। सलाद के पत्ते को काटने की बजाए हाथ से ही तोड़ कर काम में लेना चाहिए जिससे उसके किनारे भूरे होने से बच जाते हैं।
 सलाद खाएं और अपनी सेहत को हमेशा चुस्त दुरुस्त  रखें !



Monday, May 9, 2011

उत्सव


हमारे देश के हर एक उत्सव में परम्पराओं के  रंग है , अपनेपन की महक है , और  जिंदगी  के जशन है ! ये सभी चीज़ें हमें भेद भाव के बन्धनों को तोड़कर खुशियों के  धागों से जोडती हैं , और जीवन में प्रेम , भाईचारे और एकता की एहमियत  को साकार करता ..ऐसा ही एक उत्सव है अक्षय  तृतीया ! अक्षय तृतीया यानि की हिन्दू धर्म के लिए एक परम पावन दिन ..इस तिथि को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है ! हिन्दू धर्म में इसकी बहुत महत्वत्ता है ! ऐसा माना जाता है की इस पूरे दिन शुभ मंगल घडी का क्षय नहीं होता , इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं उनका शुभ फल प्राप्त होता है ! पुराणों में उल्लेख किया गया है की इस दिन त्रेता युग का आरम्भ हुआ था ..और इसी दिन भगवान विष्णु ने  परशुराम के रूप में जन्म लिया था ! इसलिए इस उत्सव के दिन मंदिरों में सुबह से ही पूजा अर्चना शुरू हो जाती है ! अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व माना गया है ! दिन निकलते ही श्रद्धालु गंगा के तट पर डुबकियां लगाने के लिए निकल पड़ते हैं ! इस दिन पुण्य को अर्जित करने का एक और अवसर हमें  हवन करने  से प्राप्त होता है ! इस दिन देश के कई हिस्सों में दहेजमुक्त सामूहिक विवाह भी किये जाते हैं ! अक्षय तृतीया खुशहाली और समृधि का त्यौहार है ! खा गया है की इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी कार्य किया जा सकता है ! इस दिन अगर गायत्री मन्त्र का उच्चारण भी किया जाए तो वो अमर हो जाता है , इसलिए इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए  किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए ! महिलाएं इस दिन स्वर्ण -आभूषण खरीदती है , इससे बेहद शुभ माना गया है ! धर्म -कर्म और अध्यात्म से ओत-प्रोत ये उत्सव हमें यही सन्देश देते हैं की सही रास्ते पर चलना चाहिए और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने की कोशिश करनी चाहिए ! 

Tuesday, April 19, 2011

अनबोली आँखें


 
जिन आँखों से प्यार है , जिन्हें देखने को तरसता हूँ ,
आज इन्हीं आँखों में आसूओं कि वजह बन गया हूँ ,
चाहता हूँ , वही कशिश इन निगाहों में ...
लेकिन क्यों अब ये तेरी आँखें चुप है ..
आज तेरी चहकती  आँखों कि चुपी बन गया हूँ 
कभी ख़ुशी से झूम जाती थी ये आँखें मेरा नाम सुनकर 
आज मेरे अक्स से काँप जाती हैं 
अक्सर ढूंढा करता था ,  उन सवालों का जवाब जो तेरी आँखें अक्सर किया करती थी ..
पर आज उन सवालों के जवाब देना चाहता हूँ ..
लेकिन अब वो आँखें मेरे साथ नहीं है , पर फिर भी कंही  मेरे आस-पास है ...
कंहा ये नहीं जानता लेकिन तलाश जारी है ! 


Wednesday, February 23, 2011

लकड़ी की सास


एक गाँव में एक माँ -बेटा रहता था ! बेटा जब जवान हुआ तो माँ को उसके ब्याह की चिंता हुई ! उसने आसपास के दस गाँव में तलाश कर एक अच्छी  सी लड़की से विवाह किया ! बहु बहुत ही अच्छी थी ! कोई भी काम सास की सलाह के बिना नहीं करती ! यंहा तक की खाना बनाने के समय भी सास से पूछती , कितना और कैसे खाना बनाये ! कुछ वर्ष इसी  प्रकार सुख से बीत गए ! एक दिन सास बीमार पड़ी और स्वर्ग  सिधार गयी ! सास के न रहने से बहु को बहुत कष्ट होने लगा ! उसे तो हर बात सास से पूछने की आदत जो पड चुकी थी !  वह बहुत उदास रहने लगी अंत में उसने अपना दुःख अपने पति को बताया ! पति ने काफी  विचार किया अंत में उसे एक उपाय सुझा ! वह अपने बढई मित्र से एक लकड़ी की गुडिया बनवाकर ले आया ! घर आकर अपनी पत्नी से कहने लगा की वह इस गुडिया को सास मानकर सब कुछ पूछकर किया करे ! अब तो वह हरदम खुश रहती ! पहले की भांति सब कार्यों के लिए सलाह लेती ! चावल पकाऊ या रोटी ? रोटी के साथ सुखी सब्जी या रसेवाली ! इसी तरह गुदिये से सबकुछ पूछकर अपने दिमाग से कार्य कर लेती ! एक बार गाँव वह गाँव में पैंठ का बाजार करने चली ! जाने से पहले उसने अपनी गुडिया सास से पूछा माजी बाजार चलेगी ! गुडिया भला क्या उत्तर देती ! फिर कहने लगी क्यों चला नहीं जाता ? फिर वह पुन : बोली अगर चलना है तो टोकरी में बताकर ले चलती हूँ ! यह कहकर उसने गुडिया को टोकरे में रखा और बाजार चल पड़ी ! टोकरे में गुडिया रखकर सामान खरीदना मुश्किल था ! अत पास ही के हनुमान जी के मंदिर में टोकरे को रखकर वह सामान लेने चली गयी ! हनुमान मंदिर आने वाले भक्तों ने जब टोकरे में रखी गुडिया को देखा तो भक्ति से उसे भी थोडा चढ़ावा चदा दिया ! शाम को जब बहुत बाजार से सामान लेकर लौटी  तो देखा की सास के सामने भी काफी सरे दाल -चावल और पैसे पड़े हैं ! वह कहने लगी माँ जी आप भी पैंठ से सामान ले आई चलिए और सारा सामान समेट कर गुडिया को टोकरी में डाल घर आ गयी ! दुसरे दिन बात पुरे गाँव में फ़ैल गयी की मरी हुई सास की गुडिया पैंठ से बहु के लिए दाळ- चावल खरीद कर लायी है ! दूसरी बार पैंठ जाते समय बहुत ने फिर से सास रूपी गुडिया साथ ले ली ! उस दिन की तरह टोकरे को मंदिर में रख वह चली गयी ! उस दिन सामान खरीदने में देर हो गयी ! रात हो चली थी इसलिए बहु ने सोचा , रात वंही हनुमान के मंदिर में बिताकर अगले सुबह गाँव चली जाएगी ! गुडिया को वंहा रख कर वह लेट गयी ! आधी रात के समय वंहा चोर चोरी करके माल का बटवारा करने आये ! उनके पाँव की आह्ट से बहु की आँख खुल गयी ! वह दर के मारे हाय माँ जी कह चली गयी ! चोरों को लगा यह कोई शिकायती गुडिया है  और उसे खुश करने के चकार में उन्होंने अपने -अपने हिस्से  से रूपए निकल गुडिया को चढे ! इधर थोड़ी दूर भागने के बाद जब बहु को ख्याल आया वह दुबारा मंदिर आई ! सास की गुडिया के सामने रूपए का ढेर लगा था ! वह सारा सामान लेकर घर आ गयी ! गाँव में यह बात सबको पता चल गयी की गुडिया के कारण ही यह लोग अमीर बने हैं ! सबने आ आकर पूछना शुरू कर दिया ! बहु ने सारी घटना कह सुनाई ! यह सुनकर उस बहु की पड़ोसन भी अपने पति के पीछे एक गुडिया लाने के लिए पड गयी ! तंग आकर उसके पति को गुडिया बनवाकर लानी पड़ी ! उस पड़ोसिन भी बहु की नक़ल कर हर काम पूछ कर  करने लगी ! अंत में गुडिया को लेकर पड़ोस के गाँव की पैंठ में गयी ! पैंठ में कोई काम नहीं था उसे तो रात वंही बितानी पड़ी ! वह एक पेड़ के नीचे बैठ गयी ! ठीक आधी रात को वही चोर आये ! वे चोर उसी पेड़ के नीचे बैठ कर अपना माल बाटने लगे ! इस तरह चोरों को देख कर पड़ोसिन बहु के हाथ - पैर डर से कांपने लगे ! उसके हाथ से गुडिया छूटकर नीचे गिर पड़ी ! गुडिया ठीक चोरों के सामने गिरी ! तब उन्हें याद आया की पिछली बार भी उन्हें ऐसी ही गुडिया ने डराया था ! आखिर यह गुडिया  उनके पीछे  क्यों पड़ी है ! यह सोचकर उन्होंने गुडिया को उठा लिया और  देखने लगे की गुडिया कंहा से आई ! उनमें से एक की नजर ऊपर पड़ी तो उसे पड़ोसिन नजर आई ! उन्होंने उसे चुपचाप नीचे उतरने को कहा ! वह डरती  हुई नीचे आई ! चोरों ने उससे सारी चीजें और जेवर छीन लिए व थपड मरकर जाने को कहा ! पड़ोसिन ने अपने किये पर पश्यताप किया की वह फिर कभी नक़ल नहीं करेगी ! वह चुपचाप घर लौट आई और किसी के सामने मुह नहीं खोला ! उसे अपने किये की अच्छी सजा मिल चुकी थी !  

Tuesday, February 8, 2011

वैलेंटाइन डे

आज सुबह ही मेरे घर एक छोटा सा बच्चा आया की मुझे एक गुलाब का फूल दे दो  ! मुझे लगा की उसकी माँ ने लाने को कहा होगा पर मुझे हैरान होते देर न लगी जब उसने बताया की वो उसे अपनी गर्ल फ्रेंड को देना हे क्योंकि कल की छुट्टी है वाह  रे पश्चिमी सभ्यता आज सात साल का बच्चा भी वैलेंटाइन मना रहा है क्या प्यार के लिए भी हम किसी दिन के मोहताज है बाजारों की रोनक देखकर लग रहा हे की जेसे कोई बहुत बडा त्यौहार आने वाला हे काश इतना पैसा जो वैलेंटाइन डे पर खर्चा किया जाता हे उसका आधा भी किसी गरीब को दिया होता तो वो शायद पेटभर कर सो जाता पर  प्यार की अंधी दोड़ के आगे किसका बस चला है ! चलो प्यार करने वाले इसे मनाये पर अपनी सभ्यता को भी याद रखे नही तो शिव सेना वाले भी स्वागत को तैयार है पर अगर इसी  तरह हमने अपने राष्ट्रीय पर्वो को सिर्फ़ छुटी का दिन ना समझकर मनाया होता तो आज इतना दुःख ना होता.!